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गृह प्रवेश मुहूर्त मार्च 2027: नए घर के लिए शुभ तारीखें

panditraina·October 29, 2026· 1 min read
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नया घर तैयार हो और चाबी हाथ में आ जाए, तो पहला सवाल यही उठता है कि गृह प्रवेश किस दिन करें। मार्च 2027 में नया घर लेने वालों के लिए अच्छी खबर है — बड़ी पंचांग सूचियों में इस महीने की दस तारीखें दर्ज हैं। नीचे पूरी सूची, चुनने के नियम, खरमास वाली ईमानदार बात और प्रवेश की सरल विधि दी गई है।

मार्च 2027 की शुभ तारीखें

मार्च 2027 की ये दस तारीखें कई पंचांग सूचियों में एक साथ दर्ज हैं, और नक्षत्र व तिथि पर उनमें सहमति है। समय शहर के हिसाब से कुछ मिनट बदल सकता है, इसलिए अंतिम समय अपने शहर के पंचांग या पंडित जी से जरूर मिला लें।

  • बुधवार, 3 मार्च 2027 — उत्तर आषाढ़ नक्षत्र, कृष्ण एकादशी; मुहूर्त रात 10:34 बजे से 4 मार्च सुबह 6:44 बजे तक।
  • गुरुवार, 4 मार्च 2027 — उत्तर आषाढ़ नक्षत्र, कृष्ण एकादशी-द्वादशी; मुहूर्त सुबह 6:44 बजे से 7:24 बजे तक।
  • बुधवार, 10 मार्च 2027 — उत्तर भाद्रपद और रेवती नक्षत्र, शुक्ल द्वितीया-तृतीया; मुहूर्त सुबह 6:37 बजे से 11 मार्च सुबह 6:36 बजे तक।
  • गुरुवार, 11 मार्च 2027 — रेवती नक्षत्र, शुक्ल तृतीया; मुहूर्त सुबह 6:36 बजे से 11:19 बजे तक।
  • सोमवार, 15 मार्च 2027 — रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र, शुक्ल सप्तमी; मुहूर्त सुबह 6:31 बजे से 10:50 बजे तक।
  • सोमवार, 22 मार्च 2027 — उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र, कृष्ण प्रतिपदा; मुहूर्त शाम 4:13 बजे से रात 8:45 बजे तक।
  • बुधवार, 24 मार्च 2027 — चित्रा नक्षत्र, कृष्ण द्वितीया-तृतीया; मुहूर्त सुबह 6:21 बजे से शाम 7:25 बजे तक।
  • शुक्रवार, 26 मार्च 2027 — अनुराधा नक्षत्र, कृष्ण पंचमी; मुहूर्त रात 8:35 बजे से 27 मार्च सुबह 6:17 बजे तक।
  • शनिवार, 27 मार्च 2027 — अनुराधा नक्षत्र, कृष्ण पंचमी; मुहूर्त सुबह 6:17 बजे से दोपहर 1:33 बजे तक।
  • बुधवार, 31 मार्च 2027 — उत्तर आषाढ़ नक्षत्र, कृष्ण दशमी; मुहूर्त रात 10:16 बजे से 1 अप्रैल सुबह 6:12 बजे तक।

एक बात साफ रखना जरूरी है। रात में शुरू होकर सुबह तक चलने वाली विंडो को कुछ सूचियाँ शुरू की तारीख से दिखाती हैं और कुछ खत्म की तारीख से, इसलिए 3-4, 10-11 और 26-27 मार्च की विंडो अलग-अलग सूचियों में थोड़ी अलग दिख सकती है — तारीखों पर सहमति है, बस गिनती का तरीका अलग है। घड़ी के समय में भी कुछ मिनट का अंतर मिलता है, इसलिए ऊपर दिया समय अनुमानित मानकर चलें। अगर फरवरी में प्रवेश करना था तो फरवरी 2027 की सात तारीखों की सूची यहाँ देखें, और जनवरी की इकलौती तारीख के लिए जनवरी 2027 का लेख यहाँ पढ़ें।

खरमास वाली बात — ईमानदारी से

मार्च की सूची में एक पेच है, जिसे छिपाना ठीक नहीं होगा। उत्तर भारत की परंपरा में 14 मार्च से 14 अप्रैल 2027 तक खरमास माना जाता है — सूर्य के मीन राशि में रहने का समय, जिसमें कई परिवार शुभ कार्य टाल देते हैं। मीन संक्रांति 15 मार्च को ही पड़ रही है, यानी 15, 22, 24, 26, 27 और 31 मार्च खरमास के अंदर आती हैं, फिर भी बड़ी पंचांग सूचियाँ इन्हें दर्ज करती हैं।

खरमास का पालन हर जगह एक जैसा नहीं होता — यह परंपरा मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में सख्ती से मानी जाती है, जबकि कई अन्य क्षेत्रों में इन तारीखों पर प्रवेश सामान्य रूप से होता है। अगर आपका परिवार खरमास मानता है, तो 3, 4, 10 और 11 मार्च सबसे सुरक्षित रहेंगी, क्योंकि ये खरमास से पहले पड़ती हैं। बाद की कोई तारीख ही सुविधाजनक हो तो पंडित जी से पूछकर तय करें।

तारीख कैसे चुनें: चार सरल नियम

सिर्फ कैलेंडर में तारीख देखकर प्रवेश करना ठीक नहीं होता। परंपरा में चार बातों का ध्यान रखा जाता है। पहली, शुक्ल पक्ष को प्राथमिकता दी जाती है — मार्च की 10, 11 और 15 तारीखें इसी पक्ष में आती हैं। दूसरी, नक्षत्र का संयोग — रोहिणी, मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, उत्तर फाल्गुनी और उत्तर आषाढ़ गृह प्रवेश के लिए शुभ माने जाते हैं, और मार्च की सूची में यही बार-बार आते हैं। तीसरी, उस दिन के राहु काल से बचकर समय निकाला जाता है — राहु काल शहर और सूर्योदय के हिसाब से बदलता है। चौथी, शुभ चौघड़िया में प्रवेश करना अच्छा माना जाता है। मुख्य द्वार, रसोई और पूजा स्थान की दिशा पर वास्तु शास्त्र की पूरी गाइड भी देख लें।

प्रवेश की सरल विधि

विधि हर परिवार में थोड़ी अलग होती है, लेकिन मूल क्रम लगभग एक जैसा रहता है। पहले घर साफ करके मुख्य द्वार पर तोरण और रंगोली लगाई जाती है। फिर कलश स्थापित होता है — जल, आम के पत्ते और ऊपर नारियल। गणेश जी का पूजन पहले, फिर लक्ष्मी जी का। कई घरों में दूध उबालकर छलकाना शुभ माना जाता है। इसके बाद मुखिया दाहिना पैर पहले रखकर प्रवेश करते हैं, पीछे-पीछे बाकी लोग आते हैं। हवन करवाने वाले परिवार प्रवेश के दिन या उसके आसपास हवन रखते हैं।

प्रवेश के दिन पहली रसोई में मीठा बनाकर पहले भगवान को भोग लगाया जाता है, फिर परिवार साथ बैठकर खाता है — भाव वही है जो दीपावली की लक्ष्मी पूजा की विधि में होता है।

क्या न करें

  • बिना साफ किए घर में प्रवेश न करें — पहले सफाई, रंग-रोगन और मरम्मत पूरी कर लें।
  • टूटी चीजें, पुराना कबाड़ और बंद घड़ियाँ पहले दिन न ले जाएँ।
  • राहु काल या भद्रा में प्रवेश का मुख्य काम न रखें — उसी दिन के शुभ चौघड़िया में खिसका लें।
  • सिर्फ छुट्टी देखकर तारीख न चुनें — तारीख, नक्षत्र और परिवार की उपलब्धता तीनों देखें।

आखिर में एक ईमानदार बात। मुहूर्त एक अच्छी शुरुआत का संकेत है, गारंटी नहीं — घर तभी सुखी होता है जब उसमें रहने वाले एक-दूसरे का ध्यान रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मार्च 2027 में सबसे अच्छी तारीख कौन सी है?
10, 11 और 15 मार्च सबसे ज्यादा दर्ज हैं, और ये शुक्ल पक्ष में भी आती हैं।

क्या खरमास में गृह प्रवेश कर सकते हैं?
बड़ी सूचियाँ 15 मार्च के बाद की तारीखें भी देती हैं, लेकिन खरमास मानने वाले परिवार इन्हें टालते हैं। 3, 4, 10 और 11 मार्च खरमास से पहले की सुरक्षित तारीखें हैं।

क्या प्रवेश से पहले घर में सामान रख सकते हैं?
परंपरा में घर खाली रखने की सलाह दी जाती है, ताकि पहला प्रवेश विधि के साथ हो। भारी फर्नीचर पहले रखना पड़े तो पंडित जी से पूछकर तय करें।

✦ From the Shrimad Astro desk
Team Shrimad Astro
Vedic Astrology Writers & Researchers

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