अप्रैल 2027 में शादी की तैयारी कर रहे परिवारों के लिए खुशखबरी भी है और एक चेतावनी भी। खुशखबरी यह कि महीने के दूसरे पखवाड़े में पूरे 9 शुभ विवाह मुहूर्त बन रहे हैं। चेतावनी यह कि ये सारे मुहूर्त सिर्फ 11 दिनों में सिमटे हुए हैं — 18 से 28 अप्रैल के बीच। यानी वेन्यू, पंडित और हलवाई सब कुछ पहले से बुक करना होगा, वरना मनपसंद तारीख हाथ से निकल जाएगी।
अप्रैल में विवाह मुहूर्त क्यों रुकता है, और कब खुलता है
हिंदू पंचांग में विवाह जैसे मांगलिक कार्य सूर्य के मीन राशि में रहने के दौरान नहीं किए जाते। यह मीन मास लगभग 15 मार्च से 14 अप्रैल तक चलता है, इसलिए मार्च के मध्य से अप्रैल के मध्य तक विवाह मुहूर्त बंद रहते हैं। मेष संक्रांति के बाद भी 15, 16 और 17 अप्रैल को कोई विवाह मुहूर्त नहीं बनता — नक्षत्र और तिथि का सही संयोग नहीं बैठता। इसीलिए 2027 का विवाह सीज़न दोबारा 18 अप्रैल, रविवार से खुलता है और 28 अप्रैल तक चलता है।
एक बात साफ रखिए — ये तारीखें दिल्ली के द्रिक पंचांग पर आधारित सूचियों से ली गई हैं, जिन पर कई स्वतंत्र स्रोत सहमत हैं। कुछ क्षेत्रीय पंचांगों में एक-दो तारीखों का अंतर संभव है, इसलिए अंतिम मुहूर्त अपने कुल पंडित से ही निकलवाएं।
अप्रैल 2027: शुभ विवाह मुहूर्तों की पूरी सूची
ये रही पूरी सूची:
- 18 अप्रैल, रविवार — उत्तरा फाल्गुनी: महीने की सबसे मजबूत तारीख — सुबह से रात तक का लंबा मुहूर्त।
- 19 अप्रैल, सोमवार — हस्त: शाम से अगली सुबह तक का मुहूर्त।
- 21 अप्रैल, बुधवार — स्वाति: दोपहर बाद से अगली सुबह तक का मुहूर्त।
- 23 अप्रैल, शुक्रवार — अनुराधा: इस दिन दो मुहूर्त बनते हैं — एक दोपहर का, एक रात का।
- 24 अप्रैल, शनिवार — अनुराधा/ज्येष्ठा: सुबह-सुबह का छोटा मुहूर्त — सुबह के फेरे ही संभव हैं।
- 25 अप्रैल, रविवार — मूल: दोपहर बाद से अगली सुबह तक का मुहूर्त।
- 26 अप्रैल, सोमवार — मूल: सुबह का मुहूर्त, दोपहर से पहले समाप्त।
- 27 अप्रैल, मंगलवार — उत्तराषाढ़ा: रात का मुहूर्त, 28 अप्रैल की सुबह तक।
- 28 अप्रैल, बुधवार — उत्तराषाढ़ा: सुबह से शाम तक का मुहूर्त — इस दौर की आखिरी तारीख।
20 और 22 अप्रैल इस सूची में नहीं हैं — उन दिनों उपयुक्त नक्षत्र-तिथि संयोग नहीं बनता।
वीकेंड और सबसे सुविधाजनक तारीखें
अगर मेहमानों की सुविधा सबसे ऊपर है, तो तीन वीकेंड तारीखें हैं: 18 अप्रैल (रविवार), 24 अप्रैल (शनिवार) और 25 अप्रैल (रविवार)। इनमें भी 18 अप्रैल सबसे आगे है, क्योंकि उस दिन मुहूर्त पूरे दिन का है — सुबह की रस्मों से लेकर रात के फेरों तक सब कुछ एक ही दिन में समा जाता है। 23 से 26 अप्रैल का चार दिन का समूह उन परिवारों के लिए अच्छा है जो संगीत, मेहंदी और हल्दी की रस्में भी उसी हफ्ते निपटाना चाहते हैं।
अप्रैल के अंत में गर्मी बढ़ने लगती है, इसलिए शाम या रात के फेरे और ठंडे, हवादार वेन्यू चुनना समझदारी होगी। जो परिवार मार्च में शादी करना चाहते थे, वे मार्च 2027 के विवाह मुहूर्त भी देख सकते हैं — वहां 1 से 14 मार्च के बीच 7 तारीखें हैं।
तारीख पक्की करने से पहले 5 बातें
1. कुंडली मिलान पहले, तारीख बाद में। शुभ तारीख तभी फल देती है जब वर-वधू की कुंडलियां भी मेल खाती हों। कुंडली मिलान से 36 गुणों का मिलान जांचिए — खासकर नाड़ी और भकूट दोष की स्थिति।
2. मंगल दोष की जांच अलग से करवाएं। लग्न से 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में मंगल होने पर मंगल दोष बनता है। मंगल दोष कैलकुलेटर से प्रारंभिक जांच हो जाती है, पर अंतिम निर्णय पंडित का ही मानिए।
3. लग्न भी तारीख जितना ही ज़रूरी है। एक ही दिन में कई लग्न बदलते हैं, और फेरों का सही लग्न वर-वधू की कुंडली से तय होता है। तारीख चुनने के बाद पंडित से फेरों का लग्न भी निकलवाएं।
4. शहर का फर्क समझिए। मुहूर्त का समय सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर करता है, इसलिए दिल्ली का समय मुंबई या कोलकाता में एक जैसा नहीं होगा। अपने शहर के पंचांग के हिसाब से समय कन्फर्म करवाएं।
5. बुकिंग जल्दी कीजिए। 11 दिन में 9 मुहूर्त का मतलब है कि पूरे देश के परिवार उन्हीं दिनों में वेन्यू ढूंढ रहे होंगे। शुभ विवाह तिथियों की पूरी सूची से मई के विकल्प भी पहले से देख लेना अच्छा रहेगा।
विवाह के बाद का पहला बड़ा त्योहार भी ध्यान में रखिए — नई दुल्हन का पहला करवा चौथ व्रत पूरे विधि-विधान से मनाया जाता है। और विवाह से जुड़े मंत्रों के लिए सनातन शास्त्र लाइब्रेरी में वैदिक मंत्रों का संग्रह देख सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अप्रैल 2027 में सबसे अच्छा विवाह मुहूर्त कौन-सा है?
18 अप्रैल, रविवार — उत्तरा फाल्गुनी में पूरे दिन का मुहूर्त, इसलिए यह सबसे मजबूत तारीख मानी जाती है।
अप्रैल के पहले पखवाड़े में शादी क्यों नहीं हो सकती?
मीन मास (15 मार्च–14 अप्रैल) में विवाह मुहूर्त बंद रहते हैं, और 15–17 अप्रैल को भी उपयुक्त संयोग नहीं बनता।
क्या ये तारीखें हर शहर के लिए एक जैसी हैं?
तारीखें मोटे तौर पर एक जैसी रहती हैं, पर सटीक समय शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से बदलता है — पंडित से कन्फर्म करवाएं।