GRAHA GOCHAR

गुरु सिंह राशि में: 31 अक्टूबर 2026 — 12 राशियों पर प्रभाव

panditraina·October 23, 2026· 1 min read
Stop guessing about your stars.Get your free Kundli with personalised predictions.

Create Free Kundli

Devguru Brihaspati in yellow silk with a radiant lion, temple shikhara behind

31 अक्टूबर: गोचर का समय और खास बातें

दीपावली से ठीक एक हफ़्ते पहले आसमान में एक बड़ा बदलाव हो रहा है। देवगुरु बृहस्पति 31 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12 बजे कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे — यानी 8 नवंबर की दीपावली के हफ़्ते में गुरु पहले से सिंह में विराजमान होंगे।

लेकिन ये कोई आम गोचर नहीं। सामान्यतः गुरु एक राशि में 12-13 महीने ठहरते हैं; इस बार वे जल्दी में हैं — इसे अतिचारी गति कहते हैं। सिंह में ये प्रवास सिर्फ़ लगभग तीन महीने (नवंबर 2026 से जनवरी 2027) का है। दिसंबर के दूसरे हफ़्ते में गुरु वक्री होंगे और 25 जनवरी 2027 को वापस कर्क में लौट जाएँगे। तो नवंबर-दिसंबर को पूरी फ़िल्म नहीं, आने वाले समय का ट्रेलर समझिए — गुरु 2027 में दोबारा सिंह में आएँगे।

सिंह गुरु के लिए पराया घर नहीं। सिंह के स्वामी सूर्य हैं, और शास्त्रीय मत में सूर्य-गुरु मित्र ग्रह हैं — राजा और उसके मंत्री जैसा संबंध। गुरु विस्तार, ज्ञान और धर्म के कारक हैं; सिंह में ये ऊर्जा आत्मविश्वास और उदारता के रूप में दिखती है। बस सिंह की छाया से बचना है — अहंकार और बढ़ा-चढ़ाकर वादे। प्रवेश के समय गुरु मघा नक्षत्र में होंगे और इस पूरे प्रवास में मघा में ही रहेंगे।

12 चंद्र राशियों पर प्रभाव

वैदिक ज्योतिष में गोचर चंद्र राशि से देखा जाता है — अपनी चंद्र राशि जन्म कुंडली से एक मिनट में निकाल लीजिए। सिंह के गुरु हर चंद्र राशि से इस भाव में पड़ेंगे:

  • मेष: 5वां भाव — पढ़ाई, संतान, रचनात्मकता। विद्यार्थियों के लिए शुभ समाचार; कोई शौक़ आमदनी का ज़रिया बन सकता है।
  • वृषभ: 4था भाव — घर और माता। मकान या मरम्मत के फ़ैसले बनेंगे; घर में शांति बनाए रखें।
  • मिथुन: 3रा भाव — साहस और वाणी। लेखकों व व्यापारियों के लिए अच्छा समय; भाई-बहनों का साथ मिलेगा।
  • कर्क: 2रा भाव — धन और परिवार। बचत बढ़ेगी, बड़ों का सहयोग मिलेगा।
  • सिंह: पहला भाव — सुर्ख़ियों में आप। सेहत और आत्मविश्वास बढ़ेगा; कोई वरिष्ठ आपकी मेहनत देखेगा।
  • कन्या: 12वां भाव — ख़र्च बढ़ सकता है। विदेशी संपर्क व शांत समय फ़ायदेमंद; उधार से बचें।
  • तुला: 11वां भाव — लाभ और नेटवर्क। आमदनी के नए स्रोत; कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है।
  • वृश्चिक: 10वां भाव — करियर और प्रतिष्ठा। बॉस की नज़र में आएँगे; प्रमोशन की बात बन सकती है।
  • धनु: 9वां भाव — भाग्य और धर्म। पिता, गुरु, उच्च शिक्षा, लंबी यात्राएँ — सब अनुकूल।
  • मकर: 8वां भाव — थोड़ा कठिन। अचानक ख़र्च संभव; शोध-बीमा के काम अच्छे, जोख़िम से दूर रहें।
  • कुंभ: 7वां भाव — विवाह और साझेदारी। रिश्ते के प्रस्ताव व व्यापारिक समझौते बनेंगे।
  • मीन: 6ठा भाव — प्रतिस्पर्धा। प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त; सेहत का अनुशासन फ़ायदेमंद।

एक बारीक़ बात और — गुरु की विशेष दृष्टियाँ 5वीं, 7वीं और 9वीं होती हैं। सिंह से ये धनु, कुंभ और मेष पर पड़ती हैं, इसलिए इन तीन राशियों को सूची से इतर भी थोड़ा अतिरिक्त सहारा मिलेगा। हर ग्रह गोचर की तरह अंतिम फ़ैसला आपकी अपनी दशा और कुंडली पर ही होगा। इस गोचर का अंग्रेज़ी संस्करण यहाँ पढ़ें।

गुरु को मज़बूत करने के सरल उपाय

गुरुवार बृहस्पति का दिन है, और उपाय बेहद सरल हैं — गुरुवार के उपायों की पूरी विधि हमने अलग से दी है। संक्षेप में:

  • गुरुवार को पीले वस्त्र पहनें, पीला भोजन करें — चने की दाल, हल्दी वाला दूध।
  • केले के पेड़ की पूजा करें; चना दाल, हल्दी, केले या किताबों का दान करें।
  • बुज़ुर्गों या अपने गुरु के चरण स्पर्श करें — गुरु को दिखावे से ज़्यादा सच्ची श्रद्धा पसंद है।
  • बीज मंत्र “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः” का 108 बार जप करें; शास्त्रीय स्तोत्र सनातन शास्त्र लाइब्रेरी में मिलेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गुरु सिंह राशि में कब तक रहेंगे?
इस बार सिर्फ़ लगभग तीन महीने — 31 अक्टूबर 2026 से 25 जनवरी 2027 तक। दिसंबर में वक्री होकर जनवरी में कर्क लौटेंगे; 2027 में दोबारा सिंह में आएँगे।

क्या ये गोचर सबके लिए शुभ है?
गुरु स्वभाव से शुभ ग्रह हैं और सिंह मित्र का घर है, इसलिए सामान्यतः सहायक। असर आपकी चंद्र राशि और चल रही दशा पर निर्भर है — ऊपर अपनी राशि का भाव देखिए।

मुझे सिर्फ़ अपना Sun sign पता है?
वैदिक ज्योतिष में चंद्र राशि मायने रखती है, Sun sign नहीं। जन्म कुंडली से अपनी चंद्र राशि देखिए और उसी हिसाब से सूची पढ़िए।

गुरु का ये तेज़ गोचर दीपावली के हफ़्ते में आ रहा है — विस्तार के ग्रह जब राजा के घर आते हैं, तो सोच बड़ी रखने का समय होता है। बस याद रखिएगा: बढ़िए, लेकिन बढ़ा-चढ़ाकर बोलिए मत।

✦ From the Shrimad Astro desk
Team Shrimad Astro
Vedic Astrology Writers & Researchers

Every article is researched from classical Jyotish texts and reviewed for accuracy before publishing — no fear-mongering, no shortcuts.

Kundli MatchingDosha AnalysisTransitsMuhurta
GET YOUR FREE KUNDLI
Curious about your own chart?

Generate your free Kundli in 30 seconds and explore personalised predictions.

Create Free Kundli →