FESTIVALS & VRATS

धनतेरस 2026: तारीख, पूजा मुहूर्त और क्या खरीदना शुभ है

panditraina·October 13, 2026· 1 min read
Stop guessing about your stars.Get your free Kundli with personalised predictions.

Create Free Kundli

Dhanteras 2026 puja

धनतेरस 2026 की तारीख और शुभ मुहूर्त

धनतेरस 2026 में शुक्रवार, 6 नवंबर को मनाई जाएगी। यह कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का दिन है, जिसे धनत्रयोदशी भी कहते हैं। त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह करीब 10:30 बजे शुरू होगी और 7 नवंबर की सुबह लगभग 10:47 बजे तक रहेगी।

पूजा का सबसे शुभ समय प्रदोष काल माना जाता है — 6 नवंबर की शाम करीब 5:33 बजे से रात 8:09 बजे तक। इस अवधि में वृषभ लग्न का संयोग भी बनता है, जिसमें महालक्ष्मी-कुबेर पूजा करने की परंपरा है। अपने शहर का सटीक समय आप आज का पंचांग पेज पर देख सकते हैं, क्योंकि मुहूर्त शहर के हिसाब से थोड़ा बदलता है। खरीदारी के लिए दिन का शुभ समय जानना हो तो चौघड़िया देखना भी अच्छा रहता है।

धनतेरस की कथा — भगवान धन्वंतरि और समुद्र मंथन

कहा जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान इसी दिन भगवान धन्वंतरि हाथ में अमृत का कलश लेकर प्रकट हुए थे। धन्वंतरि को आयुर्वेद और चिकित्सा का देवता माना जाता है, इसलिए इस दिन अच्छे स्वास्थ्य की कामना से उनकी पूजा होती है। अमृत कलश के साथ प्राकट्य की स्मृति में ही नए बर्तन खरीदने की परंपरा शुरू हुई — मान्यता है कि घर लाया गया नया बर्तन समृद्धि लाता है।

इसी शाम देवी लक्ष्मी और धन के स्वामी कुबेर की पूजा भी की जाती है। असल में धनतेरस दीपावली के पांच दिनों का पहला दिन है — इसके बाद नरक चतुर्दशी, दिवाली (लक्ष्मी पूजन), गोवर्धन पूजा और भाई दूज आते हैं। पूरे 5-दिवसीय त्योहार का विवरण हमारे दीपावली 5-दिवसीय कैलेंडर में मिल जाएगा।

धनतेरस पर क्या खरीदना शुभ माना जाता है

शास्त्रों और परंपरा के हिसाब से धनतेरस पर धातु से जुड़ी खरीदारी सबसे शुभ मानी जाती है। आम घरों में यह सूची लगभग हर साल एक जैसी होती है:

  • सोना-चांदी — सिक्के, गहने या चांदी का कोई बर्तन। चांदी को चंद्रमा का प्रतीक माना जाता है, जो शीतलता और संतोष देता है।
  • नए बर्तन — पीतल, तांबे या स्टील के बर्तन; धन्वंतरि के अमृत कलश की स्मृति में।
  • धनिया के बीज — कई घरों में इन्हें खरीदकर पूजा में रखा जाता है और बाद में बगीचे में बो दिया जाता है।
  • लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और चांदी का सिक्का — दिवाली की पूजा के लिए; सिक्के पर केसर का तिलक करके लाल या पीले कपड़े पर रखा जाता है।
  • झाड़ू — कई जगहों पर इस दिन झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है, क्योंकि साफ-सफाई लक्ष्मी के आगमन से जुड़ी है।

एक बात ईमानदारी से कहूं — “क्या न खरीदें” वाली सूचियां जो आजकल वायरल होती हैं, वे ज़्यादातर लोकमान्यताएं हैं, शास्त्रीय नियम नहीं। खाली बर्तन न लाने या लोहे से बचने जैसी बातें हर घर में अलग हैं। मेरी राय: जो चीज़ आपके घर में काम आए और दिल से खरीदें, वही शुभ है। कर्ज़ लेकर दिखावे की खरीदारी कभी शुभ नहीं होती — यह परंपरा का मकसद भी नहीं था।

पूजा विधि और यम दीप दान

शाम को घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थान की सफाई करके दीये जलाएं। धन्वंतरि, लक्ष्मी और कुबेर की मूर्ति या चित्र स्थापित करें, फूल-माला चढ़ाएं और नैवेद्य अर्पित करें। धन्वंतरि स्तोत्र का पाठ स्वास्थ्य के लिए विशेष फलदायी माना जाता है — आप हमारे वैदिक मंत्र संग्रह में संबंधित स्तोत्र पा सकते हैं, और लक्ष्मी के कनकधारा स्तोत्र जैसे पाठ सनातन शास्त्र लाइब्रेरी में उपलब्ध हैं।

धनतेरस की सबसे खास परंपरा है यम दीप दान — शाम को घर के बाहर, मुख्य द्वार के पास दक्षिण दिशा की ओर मुख करके एक दीया जलाया जाता है। यह दीया यमराज को समर्पित है और मान्यता है कि इससे परिवार को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता। यम दीप का समय शाम 5:33 से रात 8:09 बजे तक बताया गया है — यानी प्रदोष काल में ही यह दीया जलाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

धनतेरस 2026 कब है?
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026। त्रयोदशी तिथि सुबह 10:30 बजे से अगले दिन सुबह 10:47 बजे तक रहेगी।

धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
शाम 5:33 से रात 8:09 बजे तक का प्रदोष काल सबसे शुभ है; इसमें वृषभ लग्न का संयोग भी बनता है।

क्या धनतेरस पर सिर्फ़ सोना ही खरीदना चाहिए?
नहीं। चांदी, बर्तन, धनिया के बीज, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और झाड़ू — ये सभी पारंपरिक रूप से शुभ माने जाते हैं।

✦ From the Shrimad Astro desk
Team Shrimad Astro
Vedic Astrology Writers & Researchers

Every article is researched from classical Jyotish texts and reviewed for accuracy before publishing — no fear-mongering, no shortcuts.

Kundli MatchingDosha AnalysisTransitsMuhurta
GET YOUR FREE KUNDLI
Curious about your own chart?

Generate your free Kundli in 30 seconds and explore personalised predictions.

Create Free Kundli →