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शुभ विवाह मुहुर्त दिसंबर 2026: 2026 की आखिरी शुभ तारीखों की पूरी सूची

panditraina·October 30, 2026· 1 min read
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वरमाला के क्षण में दूल्हा-दुल्हन, विवाह मुहुर्त दिसंबर 2026

दिसंबर 2026 — 2026 की आखिरी शुभ खिड़की

अगर आप 2026 में ही शादी की तारीख तय करना चाहते हैं, तो आपके पास ज़्यादा समय नहीं बचा है। देवउठनी एकादशी (20 नवंबर) के बाद विवाह का सीज़न फिर से खुला है, लेकिन दिसंबर के बीच में खरमास लगते ही यह खिड़की बंद हो जाएगी — और अगला शुभ मुहूर्त सीधे जनवरी 2027 में मिलेगा। यानी 2026 की बची-खुची शादी की तारीखें सिर्फ़ दिसंबर के पहले दो हफ़्तों में हैं।

यहां मैं वही तारीखें दे रहा हूं जो एक से ज़्यादा मान्य पंचांग-स्रोतों में एक जैसी मिलती हैं — ताकि आपको किसी एक साइट के भरोसे न रहना पड़े।

चार पक्की तारीखें — जिन पर लगभग सभी पंचांग सहमत हैं

ये चार तारीखें लगभग हर मान्य पंचांग (theweddingcompany, religionworld, shitaram, starsamachar, panditrajkumardubey) में शुभ बताई गई हैं:

  • 2 दिसंबर, बुधवार — उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, नवमी–दशमी तिथि (कृष्ण पक्ष)
  • 3 दिसंबर, गुरुवार — उत्तराफाल्गुनी से हस्त नक्षत्र, दशमी तिथि
  • 11 दिसंबर, शुक्रवार — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, तृतीया तिथि (शुक्ल पक्ष)
  • 12 दिसंबर, शनिवार — उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, तृतीया–चतुर्थी तिथि

ध्यान दें: 2–3 दिसंबर की तिथियां कृष्ण पक्ष की हैं। शास्त्र सामान्यतः शुक्ल पक्ष की तिथियों को प्राथमिकता देता है, लेकिन पंचांगों का बहुमत इन दिनों को विवाह मुहूर्त मानता है — क्योंकि मुहूर्त सिर्फ़ तिथि से नहीं, नक्षत्र, वार और लग्न के संयोग से बनता है।

4, 5, 6 दिसंबर — अधिकांश में शुभ, पर पहले पंडित जी से पूछें

इन तीन तारीखों पर ज़्यादातर पंचांग (theweddingcompany, religionworld, starsamachar) मुहूर्त बताते हैं:

  • 4 दिसंबर, शुक्रवार — हस्त नक्षत्र, एकादशी तिथि
  • 5 दिसंबर, शनिवार — स्वाति नक्षत्र, द्वादशी–त्रयोदशी तिथि
  • 6 दिसंबर, रविवार — स्वाति नक्षत्र, त्रयोदशी तिथि

यहां एक ईमानदार बात: कुछ पंचांग (जैसे shitaram) 4, 5 और 6 दिसंबर को सूची में नहीं रखते। इसलिए इन तीन दिनों में से किसी को चुनें, तो अपने परिवार के पंडित जी से एक बार ज़रूर मिलान करा लें — मुहूर्त शहर के सूर्योदय और दोनों कुंडलियों पर भी निर्भर करता है।

13 दिसंबर के बाद कोई मुहूर्त क्यों नहीं?

दिसंबर के मध्य में — लगभग 16 दिसंबर, बुधवार को सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे — और खरमास शुरू हो जाएगा। खरमास में विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य परंपरागत रूप से रोक दिए जाते हैं। यह रोक मकर संक्रांति (जनवरी 2027 के मध्य) तक रहेगी। यानी 12 दिसंबर 2026 ही साल की आखिरी पक्की शुभ विवाह तिथि है।

और एक चेतावनी: नवंबर की तरह दिसंबर में भी मैरिज हॉल और पंडित जल्दी बुक हो जाते हैं — 12 दिसंबर तक की सारी तारीखें कुछ ही हफ़्तों में फुल हो जाती हैं।

तारीख तय करते समय इन 4 बातों का ध्यान रखें

1. कुंडली मिलान पहले, तारीख बाद में। तारीख से पहले दोनों की कुंडली मिलान करा लें — 36 गुणों का अष्टकूट मिलान बताएगा कि जोड़ी मूल रूप से बनती है या नहीं।

2. सटीक घंटा-मिनट शहर पर निर्भर करता है। ऊपर दी गई तारीखें सामान्य दिशा-निर्देश हैं — मुहूर्त का असली समय आपके शहर के सूर्योदय से निकलता है, इसलिए यहां घंटे-मिनट जानबूझकर नहीं दिए गए। शहर का सही समय अपने पंडित जी से निकलवाएं।

3. दिसंबर छूट गया तो जनवरी 2027। अगर इस बार योजना न बने, तो शुभ विवाह मुहूर्त जनवरी 2027 की सूची देख लें — उस महीने 9 शुभ तारीखें हैं।

4. विवाह-पंचमी का खास दिन। विवाह पंचमी (14 दिसंबर) राम-सीता के विवाह का दिन है — शास्त्रीय दृष्टि से अत्यंत शुभ, भले ही इस साल उस दिन सामान्य मुहूर्त न हो। वहीं तुलसी विवाह (21 नवंबर) से ही विवाह का सीज़न खुला है। और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी के लिए मुख्य साइट का विवाह तिथि पेज भी देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या 1 या 13 दिसंबर को शादी कर सकते हैं? कुछ ही स्रोत इन तारीखों को बताते हैं, बहुमत नहीं। इसलिए इन्हें पक्का मुहूर्त न मानें — अगर कोई कारण हो, तो पंडित जी से विशेष मुहूर्त निकलवाएं।

दीपावली के बाद शादी करना शुभ है? हां — दीपावली 2026 (8 नवंबर) के बाद देवउठनी एकादशी से मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं, और दिसंबर के पहले दो हफ़्ते इसका सबसे अच्छा समय है।

क्या यह सूची हर शहर के लिए ठीक है? तारीखें उत्तर-भारत के प्रमुख पंचांगों पर आधारित हैं; क्षेत्रीय (मिथिला, दक्षिण भारत) पंचांगों में 1–2 दिन का अंतर संभव है। अंतिम पुष्टि स्थानीय पंचांग से कराएं।

✦ From the Shrimad Astro desk
Team Shrimad Astro
Vedic Astrology Writers & Researchers

Every article is researched from classical Jyotish texts and reviewed for accuracy before publishing — no fear-mongering, no shortcuts.

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