जनवरी 2027 में घर में शादी की तैयारियां चल रही हैं, तो सबसे पहला सवाल यही उठता है — तारीख कौन-सी शुभ है? पंचांग के हिसाब से जनवरी 2027 में विवाह के कुल 9 शुभ मुहूर्त हैं, और इस लेख में वही पूरी सूची वार, नक्षत्र और तिथि के साथ एक जगह दे रहे हैं।
जनवरी 2027 के शुभ विवाह मुहूर्त — पूरी सूची
नीचे दी गई तारीखें प्रमुख पंचांगों (दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार) पर आधारित हैं। एक बात ध्यान रखें — फेरों का सटीक समय आपके शहर के सूर्योदय पर निर्भर करता है, इसलिए दिल्ली का मुहूर्त समय पटना या मुंबई में हूबहू नहीं होगा। अपने शहर का सही समय पंडित जी या पंचांग से पक्का करें।
- 15 जनवरी (शुक्रवार) — रेवती नक्षत्र, शुक्ल सप्तमी
- 18 जनवरी (सोमवार) — रोहिणी/कृत्तिका, शुक्ल एकादशी
- 19 जनवरी (मंगलवार) — रोहिणी/मृगशिरा, शुक्ल द्वादशी-त्रयोदशी
- 20 जनवरी (बुधवार) — मृगशिरा, शुक्ल त्रयोदशी
- 24 जनवरी (रविवार) — मघा नक्षत्र, कृष्ण तृतीया
- 26 जनवरी (मंगलवार) — उत्तराफाल्गुनी/हस्त, कृष्ण पंचमी-षष्ठी
- 27 जनवरी (बुधवार) — हस्त नक्षत्र, कृष्ण षष्ठी
- 30 जनवरी (शनिवार) — अनुराधा नक्षत्र, कृष्ण नवमी
- 31 जनवरी (रविवार) — अनुराधा नक्षत्र, कृष्ण दशमी
पहले चार मुहूर्त (15 से 20 जनवरी) शुक्ल पक्ष में पड़ते हैं, जिन्हें परंपरागत रूप से अधिक शुभ माना जाता है। वीकेंड की सिर्फ तीन तारीखें हैं — 24, 30 और 31 जनवरी — और इन्हीं पर वेन्यू सबसे जल्दी भरते हैं। पूरे साल के मुहूर्तों की बड़ी सूची हमारे विवाह मुहूर्त पेज पर भी देख सकते हैं।
इन तारीखों में से कौन-सी चुनें — 3 सुनहरे नियम
1. वीकेंड तारीख जल्दी पकड़ें: 24, 30 या 31 जनवरी चुन रहे हैं, तो वेन्यू और कैटरिंग की बुकिंग अभी से कर दें। जनवरी की ठंड में आउटडोर फंक्शन वाले वेन्यू सबसे पहले भरते हैं।
2. शुक्ल पक्ष को तरजीह दें: अगर विकल्प है, तो 15–20 जनवरी के बीच की तारीख चुनें — शुक्ल पक्ष के बढ़ते चाँद को विवाह के लिए विशेष शुभ माना जाता है।
3. तारीख से पहले कुंडली मिलान: तारीख पक्की करने से पहले दोनों की कुंडलियों का मिलान करवा लें। 36 गुणों के अष्टकूट मिलान में 18 से अधिक गुण का मिलना पारंपरिक रूप से अच्छा माना जाता है। साथ ही मंगल दोष की जांच भी शादी से पहले ज़रूर करवा लें।
जनवरी में किन तारीखों से बचें
1 से 14 जनवरी — खरमास: इस दौरान सूर्य धनु राशि में होता है, और पारंपरिक रूप से विवाह मुहूर्त नहीं निकाले जाते। 14 जनवरी को मकर संक्रांति के बाद जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, तभी शादी का सीजन दोबारा खुलता है — इसीलिए पहला मुहूर्त 15 जनवरी को है।
रोज़ का राहु काल: जिस दिन फेरे हों, उस दिन के राहु काल (रोज़ का लगभग डेढ़ घंटे का अशुभ समय, शहर के हिसाब से अलग) में फेरे टाल दिए जाते हैं। पंडित जी मुहूर्त निकालते समय इसे खुद ही ध्यान में रखते हैं।
क्षेत्रीय पंचांग का फर्क: ईमानदारी से बता दें — कुछ क्षेत्रीय पंचांग 23 और 25 जनवरी भी विवाह के लिए शुभ बताते हैं। यह फर्क सामान्य है, इसलिए अंतिम मुहूर्त अपने पारिवारिक पंडित से ही पक्का करवाएं।
शुभ मुहूर्त आखिर कैसे तय होता है?
मुहूर्त कोई एक चीज़ नहीं, चार चीज़ों का मेल है:
- शुभ नक्षत्र: विवाह के लिए रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, अनुराधा, स्वाति और मूल जैसे नक्षत्र पारंपरिक रूप से शुभ माने जाते हैं। ध्यान दीजिए — ऊपर की सभी 9 तारीखों के नक्षत्र इसी सूची से हैं।
- शुभ तिथि: शुक्ल पक्ष की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी और त्रयोदशी विवाह के लिए श्रेष्ठ मानी जाती हैं। रिक्ता तिथियां (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) और अमावस्या टाली जाती हैं।
- शुभ वार और चौघड़िया: सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को विवाह के लिए सबसे शुभ माना जाता है। दिन के अंदर भी शुभ चौघड़िया देखकर फेरों का समय तय होता है।
- सही लग्न: सबसे अहम — पंडित जी वर-वधू दोनों की कुंडलियों से फेरों का शुभ लग्न निकालते हैं। शहर के हिसाब से सटीक समय जानने के लिए हमारा मुहूर्त हेल्पर भी मदद करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जनवरी 2027 में कुल कितने शादी के मुहूर्त हैं?
कुल 9 — 15, 18, 19, 20, 24, 26, 27, 30 और 31 जनवरी।
क्या मुहूर्त का समय पूरे भारत में एक जैसा होता है?
नहीं। तारीख और नक्षत्र पूरे भारत में एक जैसे रहते हैं, पर फेरों का सटीक समय आपके शहर के सूर्योदय पर निर्भर करता है। हमेशा स्थानीय पंचांग या पंडित जी से समय पक्का करवाएं।
1 से 14 जनवरी में शादी क्यों नहीं होती?
यह खरमास का समय होता है — सूर्य के धनु राशि में होने के कारण पारंपरिक रूप से विवाह मुहूर्त नहीं निकाले जाते। 14 जनवरी (मकर संक्रांति) के बाद सीजन दोबारा शुरू होता है।
